दुर्ग/रायपुर (रोहितास सिंह भुवाल)।
विद्या मितान राज्य अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के तत्वावधान में आगामी शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल व विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। संगठन के प्रमुख धर्मेंद्र दास वैष्णव ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से आदिवासी अंचल व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे बस्तर व सरगुजा के हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे विद्या मितान अतिथि शिक्षक अब संविलियन के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं।
परीक्षा परिणाम सुधारने वाले शिक्षक खुद के भविष्य को लेकर चिंतित
संघ का कहना है कि वर्ष 2015-16 में इन शिक्षकों की भर्ती तब हुई थी, जब हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों का परीक्षा परिणाम अत्यंत निराशाजनक था। पीजी और बीएड जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त इन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के आने के बाद परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। बावजूद इसके, बच्चों का भविष्य सुधारने वाले ये शिक्षक आज अपने भविष्य को लेकर अंधकार में जी रहे हैं।
उच्च न्यायालय से जीत के बाद भी संविलियन का इंतजार
वैष्णव ने बताया कि संविलियन के लिए उच्च न्यायालय में केस जीतने के बावजूद भी सरकार द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वर्तमान में इन शिक्षकों को मात्र 20 हजार रुपये का वेतन मिलता है और वे बिना किसी आकस्मिक या अर्जित अवकाश की सुविधा के अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
समान काम समान वेतन की बात करने वाली सरकार का दोहरा रवैया
संघ ने सरकार पर समान काम समान वेतन के वादे से मुकरने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार समान काम समान वेतन की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ इन शिक्षकों को उचित वेतन तो दूर, अवकाश तक की सुविधा नहीं दी जा रही है, जो सरासर शोषण है। लगातार सरकार से गुहार लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आत्मानंद स्कूलों के अतिथि शिक्षकों को 38 हजार, विद्या मितानों को सिर्फ 20 हजार
संघ ने सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां वर्ग एक व्याख्याता का मूल वेतन लगभग 38 हजार रुपये है और आत्मानंद स्कूलों के अतिथि शिक्षकों को भी 38 हजार रुपये दिया जा रहा है, वहीं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने वाले विद्या मितान शिक्षकों को मात्र 20 हजार रुपये देना समझ से परे है।
संविलियन नहीं तो धरना प्रदर्शन
इन्हीं मांगों को लेकर संघ के प्रमुख धर्मेंद्र दास वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार द्वारा संविलियन की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो 18 तारीख दिन शुक्रवार को विद्या मितान (जीटी) शिक्षक विशाल धरना प्रदर्शन व रैली करेंगे।









