- श्रम कार्ड से मिला आर्थिक सहारा, अब रायपुर में करेगी उच्च शिक्षा
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं किस प्रकार आम जन के जीवन में बदलाव ला रही हैं, इसका जीवंत उदाहरण कोरिया जिले के आनी गांव की मंजू साहू बन गई है। मंजू के पिता भगवन्ता साहू एक खेतीहर मजदूर हैं और उसकी मां निर्मला साहू श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं। हाल ही में मंजू का चयन रायपुर स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) में हुआ, जिसके बाद उसके आगे की पढ़ाई के लिए सरकार से आर्थिक सहायता मिल रही है।
जन चौपाल में जब मंजू की मां निर्मला साहू ने कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी को अपनी बेटी के सिपेट में चयन होने और आर्थिक कठिनाइयों के बारे में बताया, तो कलेक्टर ने तुरंत जिला श्रम पदाधिकारी को बुलाकर उन्हें इस विषय में जानकारी दी।
मंजू की मां के श्रम कार्ड बने होने के कारण, उन्हें मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 93,000 रुपये की राशि मंजू की पढ़ाई के लिए प्रदान की जाएगी। इस सहायता के लिए मंजू और उसके माता-पिता ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अन्य श्रमिकों से भी अपील की है कि वे अपने श्रम कार्ड बनवाकर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा, “मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”









