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7 नवम्बर से छत्तीसगढ़ में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’
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ग्राम पंचायत से राज्य स्तर तक चार चरणों में चलेगा राष्ट्रीय अभियान
रायपुर।
“वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश के लिए गौरव और राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व अवसर बन गई है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक पर्व वर्षभर चलने वाले जनभागीदारी अभियान के रूप में मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में भी ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक यह आयोजन चार चरणों में संपन्न होगा।
पहला चरण 7 नवम्बर से होगा प्रारंभ
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रातः 10 से 11 बजे तक दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के बाद पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। गीत के बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं।
चार चरणों में होगा वर्षभर आयोजन
यह महोत्सव चार चरणों में आयोजित होगा—
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प्रथम चरण: 7 से 14 नवम्बर 2025
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द्वितीय चरण: 19 से 26 जनवरी 2026
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तृतीय चरण: 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ)
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चतुर्थ चरण: 1 से 7 नवम्बर 2026
इन चरणों के दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों और सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध सांस्कृतिक और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलों में मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
राज्य के प्रत्येक जिले में मंत्रीगण, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि विशेष कार्यक्रमों में भाग लेंगे। स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सके।
विद्यालयों में रचनात्मक आयोजन और प्रतियोगिताएँ
प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” विषय पर विशेष सभाएँ, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी।
एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम् और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर देशभक्ति गीतों से वातावरण को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगेगा।
‘वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ’—एक अभिनव पहल
राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे, जिनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा उपलब्ध है। यह पहल नागरिकों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी।
मुख्यमंत्री ने दिया संदेश
“‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ केवल स्मरणीय अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश है। यह आयोजन नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय चेतना की भावना को गहराई देगा। वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसकी गूंज हर नागरिक के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व का संचार करेगी।”
— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय









