सुकमा।
जिला सुकमा में सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज जगदलपुर (छ.ग.), कमलोचन कश्यप, उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आंनद सिंह राजपुरोहित, उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्ग-दर्शन एवं किरण चव्हाण, पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, रति कान्त बेहेरा, कमाण्डेन्ट 02 वाहिनी सीआरपीएफ के निर्देशन तथा निखिल राखेचा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जिला सुकमा, आकाश राव गिरेपूंजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार ’’
योजना से प्रभावित तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 02 नक्सलियों क्रमशः 01. मुचाकी देवा पिता मुचाकी कोसा (मिलिशिया सदस्य, गोगुण्डा) उम्र लगभग 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोगुण्डा थाना केरलापाल जिला सुकमा (छ0ग0), 02. मुचाकी कोसा पिता स्व0 मुचाकी मासा (मिलिशिया सदस्य, गोगुण्डा) पंचायत उम्र लगभग 42 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोगुण्डा उसकोनपारा थाना केरलापाल जिला सुकमा (छ0ग0) के द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में अनामी शरण, द्वितीय कमान अधिकारी 02 वाहिनी सीआरपीएफ एवं निरीक्षक रोशन सिंह राजपूत, प्रभारी नक्सल सेल के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। दोनों नक्सलियों को समर्पण हेतु प्रोत्साहित करने 02 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा।
उक्त दोनों आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।










