सुकमा/कौशल संदुजा
जिले में सक्रिय दो नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में माड़वी जोगा और सवलम पुल्ला शामिल हैं। इस आत्मसमर्पण के पीछे छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित करने में नक्सल सेल की आसूचना शाखा और थाना कोंटा स्टाफ ने विशेष प्रयास किए। श्री सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, श्री कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा, श्री सूरजपाल वर्मा, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ रेंज कोंटा, और श्री आंनद सिंह राजपुरोहित, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन में यह सफलता प्राप्त हुई।
आत्मसमर्पण करने वाले दोनों नक्सली विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल थे, जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी, पुलिस पार्टी के मार्गों में स्पाईक/आईईडी लगाना, और मुख्य मार्गों को अवरुद्ध करना। आत्मसमर्पण के बाद, इन दोनों को “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार और नक्सलियों की अमानवीय विचारधारा से तंग आकर इस निर्णय को लिया। आत्मसमर्पण प्रक्रिया में नक्सल सेल और थाना कोंटा स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिससे नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया।
सुकमा पुलिस का मानना है कि इस कदम से न केवल क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार होगा बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई में भी नई ऊर्जा मिलेगी।









