अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)।
चांदनी चौक से खैरबार मोड़ तक की एक किलोमीटर लंबी सड़क पर 429 छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों का आकार डबरी की तरह बड़ा हो गया है। लगातार चार दिनों से मूसलधार बारिश के कारण स्थिति और भी खराब हो गई है। नगर निगम की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली के चलते हजारों नागरिकों को प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते वक्त भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर स्कूली बच्चों और किसानों के लिए यह सड़क जानलेवा साबित हो रही है।
शुक्रवार को नईदुनिया के प्रतिनिधि ने इस सड़क का निरीक्षण किया और पाया कि बड़े-बड़े गड्ढों की संख्या 429 है। लगभग एक माह पहले नईदुनिया की खबर के बाद नगर निगम ने कुछ कदम उठाए थे और गड्ढों को ईट, गिट्टी और अन्य सामग्री से भरने का प्रयास किया था। लेकिन रोलर न चलाने के कारण यह सामग्री वाहनों के पहियों से निकलकर सड़क पर ऊंची-ऊंची ढेरों में तब्दील हो गई, जिससे अब दोपहिया वाहनों के लिए यह मार्ग और भी खतरनाक हो गया है।
इस सड़क का उपयोग खासकर किसान करते हैं, जो अपनी उपज लेकर खैरबार, बांसा, गांझाडांड़, रामनगर, मलगांवा, उदारी, करदोनी, और कोरिमा की ओर आते हैं। खराब सड़क की स्थिति के कारण इन किसानों को भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंबिकापुर शहर की लगभग सभी सड़कों की स्थिति खराब है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर आंबेडकर चौक से माखन विहार तक की सड़कें भी बुरी हालत में हैं। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपने खर्च से इस मार्ग पर मटेरियल डलवा कर गड्ढों को पाटवाया था, लेकिन लगातार बारिश से वह प्रयास भी विफल हो गया है।
शहर के भीतरी हिस्सों में बिशुनपुर मार्ग की स्थिति भी बेहद चिंताजनक हो चुकी है। स्थानीय लोग नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इस बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।








