नोएडा/नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।
नोएडा के विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को शुरू हुआ श्रमिकों का प्रदर्शन उग्र हो गया है। लगभग 50 हजार मजदूर सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो गाड़ियों सहित कुल पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कई इलाकों में भारी पथराव की भी खबर है, जिसके चलते पूरे दिल्ली-एनसीआर में दहशत का माहौल है और दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है।
फेज-2 और सेक्टर-60 में हालात तनावपूर्ण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से बड़ी संख्या में मजदूर लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन की मांग को लेकर एकत्रित हुए थे। शुरुआत में नारेबाजी से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। नोएडा के फेज-2 तथा सेक्टर-60 क्षेत्रों में उपद्रवियों ने भारी तोड़फोड़, आगजनी और पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और श्रमिकों को समझाकर शांतिपूर्ण धरने की अपील कर रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश
नोएडा में भड़की इस हिंसा और श्रमिकों के असंतोष के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
दिल्ली में हाई अलर्ट, सीमाओं पर अर्धसैनिक बल तैनात
नोएडा की हिंसा की आंच राजधानी तक न पहुंचे, इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले सभी प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर भारी पुलिस बल, रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRT) और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमाओं पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है, ताकि असामाजिक तत्व प्रदर्शन की आड़ में दिल्ली में प्रवेश न कर सकें। यूपी पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
एनसीआर में लगा भीषण जाम, पैदल चलने को मजबूर लोग
सोमवार सुबह शुरू हुआ यह बवाल दोपहर तक इतना उग्र हो गया कि नोएडा के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया। इसका असर दिल्ली की सड़कों पर भी देखने को मिला। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यातायात इतना बाधित रहा कि कई रास्तों पर लोग गाड़ियां छोड़कर पैदल ही अपना सफर तय करते नजर आए।








