छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना का प्रभाव
आत्मसमर्पित माओवादियों पर 19 लाख रुपये का घोषित था इनाम
नक्सल सेल और ओडिशा पुलिस के विशेष प्रयासों का परिणाम
सुकमा।
सुकमा जिले में सक्रिय 3 महिला हार्डकोर माओवादियों समेत कुल 5 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार स्थापित हो रहे नए सुरक्षा कैम्पों और पुलिस के बढ़ते प्रभाव के कारण माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों पर तीन पीपीसीएम पर 5-5 लाख और दो पर 2-2 लाख रुपये कुल 19 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी प्लाटून नम्बर 30 के कमांडर उधम सिंह के अत्याचार और शोषण से तंग आ चुके थे।
आत्मसमर्पित माओवादी:
कवासी दुला पिता कोसा: प्लाटून नंबर 30 डिप्टी कमांडर, ईनामी 5 लाख रुपये।
सोड़ी बुधरा पिता पोज्जा: प्लाटून नंबर 30 सेक्शन कमांडर और मेडिकल टीम कमांडर, ईनामी 5 लाख रुपये।
मड़कम गंगी पति कवासी दुला: प्लाटून नंबर 30 सेक्शन ‘ए’ कमांडर, ईनामी 5 लाख रुपये।
पोड़ियाम सोमड़ी पिता स्व. मंगडू: प्लाटून नंबर 30 पार्टी सदस्या, ईनामी 2 लाख रुपये।
मड़कम आयते पिता स्व. देवा: किस्टाराम एरिया कमेटी टेलर टीम पार्टी सदस्या, ईनामी 2 लाख रुपये।
आत्मसमर्पण कराने में नक्सल सेल की आसूचना शाखा और ओडिशा पुलिस का विशेष प्रयास रहा। सुकमा जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रही योजनाओं और लगातार स्थापित हो रहे कैम्पों के प्रभाव से माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा के समक्ष आत्मसमर्पित माओवादियों को कपड़े और प्रोत्साहन राशि 25-25 हजार रुपये प्रदान की गई। उन्हें ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ के तहत अन्य सहायता और सुविधाएं भी दी जाएंगी।









