लातूर।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET UG) के पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों ने सोमवार (18 मई 2026) को बताया कि CBI ने महाराष्ट्र के लातूर शहर में रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है।
रविवार (17 मई 2026) को एजेंसी द्वारा की गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से NEET का लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद हुआ था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। CBI की एक टीम पिछले चार दिनों से लातूर में ही डेरा डाले हुए है।
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संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है मोटेगांवकर
CBI अधिकारियों के अनुसार, मोटेगांवकर NEET UG परीक्षा का पेपर लीक करने और उसे आगे फैलाने वाले एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। जांच में सामने आया है कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल 2026 को होने वाली परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और उसकी उत्तर कुंजी (Answer Key) हासिल कर ली थी। आरोप है कि उसने यह प्रश्नपत्र कई अन्य लोगों तक भी पहुंचाया था।
CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और 3 मई को आयोजित परीक्षा (जो कथित पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी) की गहन जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
23 लाख उम्मीदवारों ने कराया था पंजीकरण
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों में 14 केंद्रों पर संपन्न हुई थी। इस अहम परीक्षा के लिए देशभर से लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। NTA के मुताबिक, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद 7 मई की शाम को कथित अनियमितताओं की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद 8 मई की सुबह स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए यह पूरी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी।
पुणे से NTA समिति की सदस्य भी हो चुकी हैं गिरफ्तार
इस पेपर लीक मामले में CBI अब तक महाराष्ट्र से कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार (16 मई 2026) को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की परीक्षा परिणाम निर्धारण समिति की सदस्य और पुणे की जीव विज्ञान की लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को भी गिरफ्तार किया गया था। मंधारे की गिरफ्तारी दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में लंबी पूछताछ के बाद की गई थी।









