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बेमेतरा: दीपावली पर अग्नि सुरक्षा के दिशा-निर्देश जारी, सुरक्षित पटाखे फोड़ने की अपील

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बेमेतरा। 

आगामी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश और एडवाइजरी जारी की गई है। ज़िला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से पटाखे फोड़ें। उन्होंने बताया कि दीपावली के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए सभी को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

नागेंद्र कुमार सिंह ने सुझाव दिया है कि व्यक्ति केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें और यह सुनिश्चित करें कि गुणवत्ता वाले पटाखों का ही उपयोग हो, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो सके। उन्होंने बताया कि इमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर खुले स्थानों जैसे पार्क या बड़े मैदानों में ही पटाखे जलाएं।

पटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की भरी बाल्टी पास रखें। उन्होंने यह भी कहा कि आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती कपड़े पहनें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े आसानी से आग पकड़ सकते हैं। पटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक वयस्क का साथ होना सुनिश्चित करें, ताकि सुरक्षा उपायों का सही ढंग से पालन हो सके।

सिंह ने कहा कि पटाखे फोड़ने के बाद उनके अवशेषों का सुरक्षित तरीके से बाल्टी के पानी में निपटान करें, ताकि किसी बची हुई चिंगारी से आग न लगे। एक बार में केवल एक ही पटाखा जलाएं और आग लगने के बाद उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

उन्होंने हवा की दिशा का ध्यान रखने की सलाह दी, ताकि पटाखों की चिंगारी घरों या व्यक्तियों की ओर न उड़े। उन्होंने विशेष रूप से घर के अंदर, खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर पटाखे जलाने से बचने का अनुरोध किया है।

सिंह ने यह भी बताया कि पटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते हैं। ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखों का उपयोग न करें और उन्हें सूखी पत्तियों, गैस सिलेंडर या वाहनों से दूर रखें। अगर कोई पटाखा जलाने में विफल रहता है, तो उसे पुनः जलाने का प्रयास न करें। कुछ समय प्रतीक्षा करने के बाद उसका सुरक्षित रूप से निपटान करें।

सिंह ने आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरुद्ध करने वाले स्थानों पर पटाखे न जलाने का अनुरोध किया। उन्होंने लोगों से तेल के दीयों या मोमबत्तियों को जलते हुए उपेक्षित न छोड़ने की सलाह दी, विशेषकर पर्दों या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी चोट या जलने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से सलाह लें और बिना उचित मार्गदर्शन के घरेलू उपचार न करें।

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