



सुकमा (कौशल संदुजा)।
जिला सुकमा में नक्सली संगठन से जुड़ी 01 लाख की इनामी महिला नक्सली करतम सुक्की (26 वर्ष), पति बण्डी, ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। करतम सुक्की, जो कि केएएमएस अध्यक्ष साकलेर आरपीसी के पद पर थी, ने छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और ”नियद नेल्ला नार” योजना से प्रेरित होकर यह कदम उठाया। आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गजेन्द्र बहादुर सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी, 212 वाहिनी सीआरपीएफ, और निरीक्षक अविलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी जिला सुकमा के समक्ष बिना हथियार के किया गया।
महिला नक्सली ने नक्सल संगठन में भीतर के अत्याचार, शोषण और स्थानीय आदिवासियों के प्रति बाहरी नक्सलियों द्वारा किए जाने वाले भेदभाव से तंग आकर आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, सुकमा के अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नए सुरक्षा कैम्प स्थापित होने और पुलिस के बढ़ते प्रभाव ने भी उसे समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
महिला नक्सली को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रोत्साहित करने में 212 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है।
आत्मसमर्पण के बाद करतम सुक्की को ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।





