रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महानदी के तटवर्ती क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने महानदी के जलस्तर, राहत एवं बचाव की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-धन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
हीराकुंड के गेट और ओडिशा सरकार से तालमेल
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले के महानदी तटवर्ती गांवों के साथ-साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया अंचल और चंद्रपुर क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार के सभी संबंधित विभाग और अधिकारी ओडिशा सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर महानदी के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। हीराकुंड बांध के गेटों के संचालन को लेकर भी लगातार संवाद किया जा रहा है, ताकि संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और राहत दल तैनात
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखें और राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करें और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। मंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि यदि बाढ़ की स्थिति बनती है, तो वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, सुरक्षित स्थानों पर जाने में सहयोग दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर कतई ध्यान न दें।









