

दंतेवाड़ा।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नौकरी लगाने के नाम पर एक ही परिवार से 9 लाख 50 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक और हॉस्टल वार्डन के पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह ठगी की। मामला दंतेवाड़ा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा निवासी इंद्रजीत सिंह ठाकुर (34) ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि उसकी मां, जो महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ हैं, को वर्ष 2016 में यह जानकारी मिली थी कि विभाग में पर्यवेक्षक पद पर भर्ती निकली है। इसके लिए उन्होंने फॉर्म भी भरा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि रायपुर में जिला अधिकारी अशोक पांडेय हैं, जो सीधे नौकरी लगवा सकते हैं।
इसके बाद आरोपी ने बताया कि नौकरी पाने के लिए वसीम खान के खाते में पैसे डलवाने होंगे। इस पर इंद्रजीत की मां ने अपनी बेटी की भर्ती के लिए वसीम खान के खाते में 1 लाख 50 हजार रुपए जमा करवा दिए। वसीम खान ने बताया कि ये पैसे अशोक पांडेय के बताए गए खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।
जब इंद्रजीत सिंह ने अशोक पांडेय से संपर्क किया तो उसने उन्हें गुमराह किया और कहा कि वह उनके अपने लोग हैं। इसके बाद अशोक पांडेय ने कहा कि हॉस्टल वार्डन के पद पर भी भर्ती निकली है और वह इंद्रजीत और उसके छोटे भाई की नौकरी भी लगवा देगा। इसके लिए उसने फिर से 8 लाख रुपए की मांग की। उसने क्रांति कुमार, नीलबती, कुंदन सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खाते के नंबर दिए, जिनमें वर्ष 2016 से 2019 के बीच कुल 8 लाख रुपए एटीएम ट्रांजेक्शन के माध्यम से जमा किए गए।
जब इंद्रजीत सिंह ने पूछा कि नौकरी कब तक लगेगी, तो उन्हें बताया गया कि जल्द ही सूची जारी होगी। लेकिन जब सूची जारी हुई, तो उसमें उनका और उनके भाई का नाम नहीं था। इंद्रजीत ने जब इस बारे में फिर से पूछा, तो अशोक पांडेय ने कहा कि वेटिंग लिस्ट आनी बाकी है और यदि नाम नहीं आया तो पैसे लौटा दिए जाएंगे। लेकिन नौकरी नहीं लगी और पैसे भी वापस नहीं मिले।
कुछ दिन पहले इंद्रजीत सिंह ने दंतेवाड़ा सिटी कोतवाली में जाकर लिखित शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।





