



गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गौरेला थाना क्षेत्र के अंजनी गांव में एक पुलिस आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक आरक्षक का नाम अनिल तिवारी था, जो व्यवहार न्यायालय में मोहर्रिर के पद पर कार्यरत था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।
गौरेला थाना क्षेत्र के अंजनी गांव में पेड़ से लटकी हुई आरक्षक अनिल तिवारी की लाश देख गांव में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि अनिल तिवारी मूल रूप से रतनपुर थाना क्षेत्र के पौड़ी गांव का निवासी था। उसने अपनी ससुराल के घर के बगल में स्थित पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि अनिल तिवारी लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार था।
घटना की सूचना मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को एंबुलेंस के जरिए परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।





