रायगढ़।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी 66 वर्षीय कौशल प्रसाद कौशिक के साथ 30.61 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने 01 दिसंबर 2024 को रायगढ़ के सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी यशवंत पटनायक को गिरफ्तार किया। इस ठगी में शामिल अन्य आरोपी सतीश साहू और निर्मला निषाद की तलाश जारी है।
ठगी की शुरुआत 2016 में हुई थी, जब कौशल प्रसाद ने गेवरा परियोजना में कार्यरत अपने सहकर्मी की रिश्तेदार निर्मला निषाद से बच्चों की नौकरी के बारे में चर्चा की। निर्मला ने रायगढ़ निवासी सतीश साहू से मुलाकात कराई, जिन्होंने नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1,17,000 रुपये नकद और बैंक खातों से मंगवाए। इसके बाद, वर्ष 2018 में सतीश ने यशवंत पटनायक से परिचय कराया, जिसने जिंदल कंपनी में नौकरी दिलाने और जमीन दिलाने का झांसा देकर 29,44,800 रुपये की ठगी की।
यशवंत पटनायक ने वर्ष 2022 में फिर से ठगी की योजना बनाई, जब उसने जिंदल कंपनी के सोलर प्लांट के लिए जमीन दिलाने का झांसा दिया। कौशल प्रसाद और उनके मित्र ने जमीन देखने के लिए गोढ़ी गांव का दौरा किया, लेकिन वहां न तो कोई जमीन मिली और न ही कागजात के प्रमाण मिले। जब पैसे वापस मांगे गए, तो यशवंत ने अप्रैल 2024 में पंजाब नेशनल बैंक का 10 लाख रुपये का चेक व्हाट्सएप पर भेजा, लेकिन जब चेक को बैंक में जमा किया गया तो पता चला कि यशवंत का खाता दो साल पहले ही बंद हो चुका था।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी यशवंत पटनायक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यशवंत ने स्वीकार किया कि उसने बैंक खाते और फोन पे के जरिए करीब 10 लाख रुपये हड़पे हैं। पुलिस ने उसे रिमांड पर भेज दिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक इगेश्वर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस ने भरोसा जताया है कि जल्दी ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।







