नारायणपुर (ओम दर्पण)।
जिले के ग्राम केरलापाल के प्रगतिशील किसान कालेंद्र कुमेटी नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से खेती को अधिक उपजाऊ और लाभकारी बना रहे हैं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अनियंत्रित उपयोग के स्थान पर अब पूरी तरह से वैज्ञानिक विकल्प अपना लिए हैं।
प्रगतिशील किसान कालेंद्र कुमेटी के अनुसार, ये नैनो उर्वरक फसलों को आवश्यक पोषण प्रदान करने में अत्यधिक कारगर हैं। इसके साथ ही, यह भूमि की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण रूप से सहायक हैं।
कालेंद्र कुमेटी ने बताया कि इन वैज्ञानिक विकल्पों के निरंतर उपयोग से खेती की उत्पादकता बढ़ती है और खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।









