बेंगलुरु।
कर्नाटक की राजनीति में पिछले सप्ताह शुरू हुआ नेतृत्व हस्तांतरण का दौर बुधवार को पूरा हो गया। आठ बार के विधायक और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने आज लोकभवन में कर्नाटक के 34वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सत्ता का हस्तांतरण विधिवत रूप से संपन्न हो गया है।
शाम 4:05 बजे बेंगलुरु में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह से पहले, कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी मां गौरम्मा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
13 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, परमेश्वर बने डिप्टी सीएम
डीके शिवकुमार के साथ 13 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सरकार में जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) नियुक्त करने का फैसला किया गया है। मंत्रिमंडल में शामिल अन्य नामों में यतींद्र सिद्धारमैया, यू.टी. खादर, एम.बी. पाटिल, के.जे. जॉर्ज, के.एच. मुनियप्पा, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंका खड़गे, ईश्वर खंड्रे, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: कर्नाटक राजनीति से जुड़ी ताजा खबरें
दिग्गजों का जमावड़ा और 2028 की रणनीति
लोकभवन में हुए इस समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
पार्टी के सियासी गलियारों में चर्चा है कि नई कैबिनेट में राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को खास तरजीह दी गई है। 2028 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए दलित, लिंगायत और अहिंदा (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित) तीनों समुदायों से नेताओं को मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है, ताकि सामाजिक संतुलन साधा जा सके।









