मुआन, दक्षिण कोरिया:
दक्षिण कोरिया के साउथ वेस्ट क्षेत्र में स्थित मुआन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार रात जेजू एयरलाइन का एक यात्री विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में 179 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि केवल दो चालक दल के सदस्य जीवित बच सके। हादसे की सूचना ने पूरे देश और दुनिया को गहरे शोक में डाल दिया है।
कैसे हुआ हादसा?
रात 8:38 बजे, विमान के लैंडिंग गियर में खराबी के चलते यह रनवे से फिसल गया और कंक्रीट की दीवार से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गया। विमान में 175 यात्री और छह चालक दल के सदस्य सवार थे। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह देश के आधुनिक इतिहास का सबसे भयानक हवाई हादसा है।
दुनिया भर से संवेदनाएं
- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, “जिल और मैं इस त्रासदी से गहरे दुखी हैं। दक्षिण कोरियाई नागरिकों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। अमेरिका हरसंभव मदद के लिए तैयार है।”
- जापान के प्रधानमंत्री इशिबा शिगेरू ने अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा, “इस त्रासदी से हुई जानमाल की हानि से मैं बेहद दुखी हूं। जापानी सरकार और जनता की ओर से शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं।”
- भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संदेश में कहा, “इस भयावह हादसे से स्तब्ध हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी सहानुभूति है।”
- ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और यूके के विदेश राज्य सचिव डेविड लैमी ने भी अपने शोक संदेश भेजे।
स्थानीय प्रशासन का एक्शन
दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति चोई सांग-मोक ने मुआन काउंटी को “विशेष आपदा क्षेत्र” घोषित कर दिया है। उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
जेजू एयरलाइन के सीईओ किम ई-बे ने हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए सार्वजनिक माफी जारी की। उन्होंने कहा, “मैं इस त्रासदी के लिए माफी मांगता हूं। पीड़ित परिवारों को हमारी बीमा योजना के तहत हर संभव मदद दी जाएगी।”
देश की सबसे बड़ी हवाई त्रासदी
1993 में हुई एक अन्य विमान दुर्घटना में 66 लोगों की मौत हुई थी। लेकिन इस हादसे ने उसे पीछे छोड़ दिया, जिससे देश में विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भावनाओं से जुड़ा संदेश
दक्षिण कोरिया और दुनिया भर के लोग इस त्रासदी से गहरे प्रभावित हैं। सोशल मीडिया पर भी इस हादसे के प्रति गहरी संवेदनाएं और समर्थन संदेशों की बाढ़ आ गई है।
यह हादसा न केवल विमानन सुरक्षा पर, बल्कि आपदा प्रबंधन प्रणाली पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।







