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कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर पर हत्या का शक, पुलिस ने गाड़ी को हैदराबाद से किया बरामद
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सेप्टिक टैंक में शव को छुपा कर किया फ्लोरिंग
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शव पर मिले गंभीर चोट के निशान
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बीजापुर में पत्रकारों ने किया बंद का ऐलान, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
बीजापुर।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल मामलों के चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर की दर्दनाक हत्या ने प्रदेश को हिला कर रख दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलासे करने वाले मुकेश का शव शुक्रवार को एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया। हत्या की वारदात के पीछे कांग्रेस नेता और ठेकेदार सुरेश चंद्राकर का नाम सामने आ रहा है। परिवार का आरोप है कि मुकेश ने जिस भ्रष्टाचार को उजागर किया था, उसी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
पुलिस ने घटनास्थल से शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद सुरेश चंद्राकर और उनके भाई रीतेश चंद्राकर फरार हैं।
शव पर मिले गंभीर चोट के निशान
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब सात बजे सेप्टिक टैंक से पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव बाहर निकाला गया। शव पर कई जगह गहरी चोटों के निशान पाए गए हैं। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट है, जिससे पता चलता है कि उनकी बेरहमी से हत्या की गई। इसके बाद शव को सेप्टिक टैंक में डालकर उसके ऊपर फ्लोरिंग कर दी गई, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे।
भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद गुस्से में था कांग्रेस नेता
मुकेश ने कुछ दिन पहले गंगालूर रोड निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था। यह ठेका सुरेश चंद्राकर की कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था। उनकी रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से सुरेश चंद्राकर नाराज था और उसने हत्या की साजिश रची।
परिवार ने लगाया कांग्रेस नेता पर हत्या का आरोप
मुकेश के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने बताया कि 1 जनवरी की रात मुकेश को कुछ लोग घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। परिवार को शुरू से ही शक था कि इस मामले में सुरेश चंद्राकर का हाथ है।
मोबाइल लोकेशन ने खोला राज
बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव और एएसपी चंद्रकांत गोवर्ना की विशेष टीम ने मुकेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन कांग्रेसी नेता की कंस्ट्रक्शन साइट पर मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां जाकर छानबीन की और सेप्टिक टैंक की फ्लोरिंग तोड़ी। तभी अंदर शव दिखाई दिया।
कौन हैं सुरेश चंद्राकर?
सुरेश चंद्राकर मूल रूप से बासागुड़ा का निवासी है। सलवा जुड़ूम आंदोलन के दौरान उनका परिवार बीजापुर आकर बस गया। यहां उन्होंने ठेकेदारी का काम शुरू किया और कांग्रेस पार्टी में भी सक्रिय हो गए। 2021 में सुरेश उस समय सुर्खियों में आया था जब वह हेलीकॉप्टर से बारात लेकर गया था।
बीजापुर में पत्रकारों का विरोध, बंद का आह्वान
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध में बीजापुर के पत्रकार संगठनों ने शनिवार को बंद का आह्वान किया है। पत्रकारों ने दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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