
बीजापुर।
दक्षिण बस्तर के पामेड़-बासागुड़ा-उसूर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की। मुठभेड़ के दौरान PLGA बटालियन नंबर 01 और CRC (सेंट्रल रीजनल कमेटी) कंपनी के नक्सली डर के मारे जंगल और पहाड़ियों में भाग खड़े हुए।

इस निर्णायक मुठभेड़ में 12 हार्डकोर नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। मारे गए सभी नक्सली PLGA बटालियन और CRC कंपनी के सदस्य थे। शिनाख्त का कार्य जारी है।

बरामदगी:
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री बरामद की है, जिनमें शामिल हैं:
- 2 नग 303 राइफल
- 1 नग 12 बोर राइफल
- 1 नग 315 बोर राइफल
- 1 नग बटालियन तकनीकी टीम द्वारा निर्मित रॉकेट लॉन्चर
- 3 नग बीजीएल लॉन्चर
- 4 नग मज़ल लोडिंग राइफल
- औजार बनाने की लेथ मशीन
- वायरलेस सेट, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की सामग्री
इसके साथ ही माओवादी कैंप और उनके औजार बनाने की सामग्री को भी ध्वस्त कर दिया गया।
अभियान की जानकारी:
इस नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर, सुकमा, और दंतेवाड़ा जिलों की डीआरजी टीमों के साथ कोबरा 204, 205, 206, 208, 210 और केरिपु 229 बटालियन की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। मुठभेड़ 16 जनवरी 2025 को सुबह करीब 9:00 बजे शुरू हुई और रुक-रुक कर चलती रही।
अधिकारियों का बयान:
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में भी नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी रहेगी। पिछले 16 दिनों में कुल 25 हार्डकोर नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इस मुठभेड़ में नक्सल कमांडर हिड़मा और बारसे देवा के नेतृत्व वाले नक्सली डर से भाग खड़े हुए।
पुलिस महानिरीक्षक केरिपु राकेश अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण, उपमहानिरीक्षक केरिपु देवेंद्र सिंह नेगी सेक्टर बीजापुर, और पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विजय पांडे ने इस अभियान की सराहना की है।









