कोरबा।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आज न्याय ने अपना कड़ा रुख दिखाया। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय (पॉक्सो) ने कोराई जंगल में हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दिल दहला देने वाले मामले में फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को मृत्युदंड और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई।
खौफनाक घटना जिसने हिला दिया था पूरा क्षेत्र
चार साल पहले, 29 जनवरी 2021 को लेमरू थाना क्षेत्र के गढ़-उपोड़ा स्थित कोराई जंगल में पहाड़ी कोरवा परिवार के साथ वहशी दरिंदों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी थीं। इन आरोपियों ने पहले एक पहाड़ी कोरवा परिवार के मुखिया धरमू उर्फ झकड़ी राम (45 वर्ष) की उनकी बेटियों के सामने निर्मम हत्या कर दी। फिर मासूम नातिन सतमति (4 वर्ष) को पटक-पटक कर मार डाला और नाबालिग बेटी तीजमति (16 वर्ष) के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे गंभीर हालत में छोड़ दिया।
सर्च ऑपरेशन में उजागर हुआ भयावह सच
30 जनवरी 2021 को पुलिस ने गढ़-उपोड़ा के जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान सबसे पहले धरमू का शव बरामद हुआ। कुछ ही समय बाद, मासूम सतमति का शव मिला। गंभीर हालत में पाई गई तीजमति को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। यह घटना क्षेत्र में भय और आक्रोश का कारण बनी।
इंसाफ का इंतजार खत्म
आज के इस ऐतिहासिक फैसले में दोषियों को उनके जघन्य अपराध की सजा दी गई। मृत्युदंड व उम्रकैद की सजा ने पीड़ित परिवार और पूरे समाज को एक संदेश दिया है कि न्याय प्रणाली अपराधियों को उनके गुनाह की सजा देने में सक्षम है।










