कोंडागांव।
जिले के ग्राम बम्हनी के तोड़ोबेड़ा गांव में 12 वर्षीय मासूम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की दुखद घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को स्कूल जाने की बात पर नाराज होकर उसने अपने कमरे में चुनरी से फांसी लगा ली।
दो महीने से नहीं जा रहा था स्कूल
जानकारी के अनुसार, मृतक 5वीं कक्षा का छात्र दीपांशु कश्यप पिछले दो महीनों से स्कूल नहीं जा रहा था। दीपांशु के पिता का पहले ही देहांत हो चुका था, वहीं उसकी मां उसे छोटी उम्र में ही नाना-नानी के पास छोड़कर राजस्थान चली गई थी और फिर कभी वापस नहीं आई। तब से नाना-नानी ही उसका पालन-पोषण कर रहे थे और उसकी पढ़ाई का भी ध्यान रख रहे थे।
स्कूल जाने का दबाव बना आत्महत्या की वजह?
परिजनों के मुताबिक, दीपांशु दिनभर अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने में समय बिताता था। जब नाना-नानी ने उसे स्कूल न जाने का कारण पूछा, तो माना जा रहा है कि वह इसी दबाव में आ गया और आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस कर रही जांच
थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय ने बताया कि दीपांशु ने अपने बेड के ऊपर लगे पाटे में चुनरी से फांसी लगा ली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के सटीक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।










