- प्रदेश के सबसे कम उम्र के जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त
जशपुरनगर।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सफल समापन के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव भी संपन्न हो गए। इस बार भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिला पंचायत में अपना दबदबा बनाए रखा। सालिक साय को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित किया गया, वहीं शौर्य प्रताप सिंह जूदेव को उपाध्यक्ष चुना गया। खास बात यह रही कि दोनों ही पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
शौर्य प्रताप सिंह जूदेव के उपाध्यक्ष बनने की घोषणा के बाद उनके समर्थकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और जश्न मनाया।

जशपुर पैलेस के तीसरे सदस्य बने जिला पंचायत उपाध्यक्ष
शौर्य प्रताप सिंह जूदेव जशपुर राजपरिवार के तीसरे सदस्य हैं, जो जशपुर जिला पंचायत में उपाध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं। इससे पहले स्व. युद्धवीर सिंह जूदेव और प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी इस पद पर आसीन रह चुके हैं।
- स्व. युद्धवीर सिंह जूदेव ने दुलदुला जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 6 से चुनाव जीतकर डीडीसी बने और फिर जिला पंचायत उपाध्यक्ष बने। बाद में वे चंद्रपुर विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए।
- उनके बाद उनके बड़े भाई प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भी दुलदुला से डीडीसी पद पर जीत दर्ज की और जिला पंचायत उपाध्यक्ष बने।
- अब शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने भी दुलदुला से जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और अब जिला पंचायत उपाध्यक्ष बन गए हैं।
सबसे कम उम्र के जिला पंचायत उपाध्यक्ष बने
प्रदेश में 2025 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में शौर्य प्रताप सिंह जूदेव को सबसे कम उम्र के जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त हुआ। इसके अलावा, वे जशपुर जिला पंचायत के सबसे कम उम्र के डीडीसी भी हैं। अब वे कम उम्र में ही जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे।
माता प्रियंवदा सिंह जूदेव ने आरती उतारकर किया स्वागत
निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद शौर्य प्रताप सिंह जूदेव जब विजय विहार पैलेस पहुंचे तो वहां उनकी माता प्रियंवदा सिंह जूदेव (सदस्य, महिला आयोग) ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने “जय जूदेव” के नारों से पैलेस को गुंजायमान कर दिया।









