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दहेज मुक्त समाज की ओर बड़ा कदम, चार जोड़े विवाह के बंधन में बंधे
जगदलपुर।
शहर के सिटी ग्राउंड में आज मुनिन्दर धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा एक भव्य आध्यात्मिक सत्संग व दहेज मुक्त विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन कर एक स्वच्छ और जागरूक भारत का निर्माण करना था।

दहेज मुक्त विवाह और सेवा के संकल्प
इस आयोजन में चार जोड़ों ने दहेज मुक्त विवाह कर एक मिसाल पेश की। महारानी अस्पताल में सात लोगों ने रक्तदान किया, वहीं 100 लोगों ने पेड़ दान संकल्प का फॉर्म भरकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दिया।
महापौर संजय पाण्डे ने कहा – “यह समाज को नई दिशा देगा”
महापौर संजय पाण्डे ने अपने उद्बोधन में कहा कि संत श्री रामपाल जी महाराज के सानिध्य में मुनिन्दर धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा आयोजित दहेज मुक्त, बारात मुक्त, बैंड बाजा मुक्त विवाह समाज में बदलाव की एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी को एक दिशा मिलेगी और समाज में फैली गरीबी व अशिक्षा जैसी विसंगतियों को दूर करने में आध्यात्मिकता की भूमिका महत्वपूर्ण है।
महापौर ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है ताकि दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति मिल सके। उन्होंने इसे समाज पर लगा एक कलंक बताया और कहा कि इसे मिटाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजा राम तोड़ेम, नगर निगम सभापति खेम सिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, शशिनाथ पाठक, दिनेश नाग, गणपत सेठिया, दुष्यंत साहू, पंकज दास, जगदीश दास, जयपाल सेठिया और वनवासी बघेल उपस्थित रहे।









