अंबिकापुर।
गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ तस्करों की संपत्ति राजसात करने और गौ हत्यारों पर हत्या का मामला दर्ज करने जैसी मांगों को लेकर सरगुजा में गौ रक्षा का बीड़ा उठाया गया है। प्रियांशु देवांगन, जिला प्रभारी सरगुजा अंबिकापुर छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रथम हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान में शहर प्रभारी आयुष शर्मा भी शामिल रहे।
गौ रक्षा की प्रमुख मांगें
इस हस्ताक्षर अभियान का मुख्य उद्देश्य गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गौ हत्या को रोकना है। अभियान के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई जा रही हैं:
- गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध: यह अभियान गौ हत्या को पूरी तरह से बंद करने की मांग करता है, जिससे गौवंश को अनावश्यक क्रूरता से बचाया जा सके।
- गौ तस्करों की संपत्ति राजसात: गौ तस्करी में लिप्त व्यक्तियों की संपत्ति को राजसात करने का प्रावधान लागू करने की मांग की गई है, ताकि इस अवैध धंधे पर लगाम लगाई जा सके।
- गौ हत्यारों पर हत्या का मामला दर्ज: गौ हत्या करने वालों पर भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की गई है, जिससे ऐसे अपराधों के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित हो सके।
- गोठानों में गौ सेवक की नियुक्ति: गांव-गांव में निर्मित गोठानों में कलेक्टर दर पर गौ सेवकों की नियुक्ति की जाए, ताकि गौवंश की उचित देखभाल और संरक्षण हो सके।
गौ रक्षा के इस पुनीत कार्य की शुरुआत प्रियांशु देवांगन, जिला प्रभारी सरगुजा अंबिकापुर छत्तीसगढ़ ने की। उनके इस प्रयास को आयुष शर्मा, शहर प्रभारी का भी भरपूर समर्थन मिला, जो अभियान में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि यह गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और सरकार का ध्यान इन गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करेगा।






