दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
यूरोलॉजी जागरूकता दिवस के अवसर पर आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. नवीन राम दारुका ने लोगों से झिझक छोड़कर अपने स्वास्थ्य की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा, “सेहत से बढ़कर कुछ नहीं — देरी या शर्म से नुकसान केवल आपका ही होता है।”
लापरवाही पड़ सकती है भारी
डॉ. दारुका ने बताया कि पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना या पीठ में दर्द जैसी सामान्य लगने वाली समस्याओं को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यह लापरवाही आगे चलकर किडनी या प्रोस्टेट जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकती है। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी शुरुआती लक्षण पर तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
बढ़ रही हैं मूत्र संबंधी समस्याएं
अनियमित खानपान और भागदौड़ भरी दिनचर्या के कारण आज के दौर में किडनी स्टोन, प्रोस्टेट विकार और मूत्र संक्रमण (UTI) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
डॉ. दारुका ने कहा, “यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारी कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि समझदारी से इलाज कराने की बात है।”
सही विशेषज्ञ की पहचान ज़रूरी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आजकल कुछ लोग बिना उचित योग्यता के यूरोलॉजी एक्सपर्ट बनकर भ्रम फैलाते हैं। एक असली यूरोलॉजिस्ट वही होता है, जिसके पास MBBS, MS (General Surgery) और MCh/DNB (Urology) की डिग्री हो।
मरीजों को योग्य विशेषज्ञ से ही इलाज कराने की सलाह दी गई।
आरोग्यम हॉस्पिटल में अत्याधुनिक सुविधा
डॉ. दारुका ने बताया कि आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग में अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी टीम के साथ किडनी, मूत्राशय और प्रोस्टेट से जुड़ी बीमारियों का सफल उपचार किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और यह संदेश देना था —
“शर्म नहीं, जागरूकता ही आपकी सेहत की सबसे बड़ी सुरक्षा है।”









