भिलाई नगर (रोहितास सिंह भुवाल)।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को औरंगाबाद विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया है। प्रथम चरण में गरखा और अमनौर विधानसभा में प्रवेशी प्रभारी की जिम्मेदारी निभाकर लौटे सेन अब एक बार फिर चुनावी मोर्चे पर रवाना होंगे। वे आज शाम नियमित विमान से बिहार के लिए प्रस्थान करेंगे।
औरंगाबाद विधानसभा: समृद्ध इतिहास और राजनीतिक परंपरा
दक्षिणी बिहार की विधानसभा क्रमांक 223, औरंगाबाद क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध माना जाता है। यह कभी प्राचीन मगध साम्राज्य का हिस्सा रहा है, जहां बिंबिसार, अजातशत्रु, चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे महान शासकों का शासन रहा है।
वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को यहां लगभग 2200 मतों से पराजय झेलनी पड़ी थी।
राजपूत वर्चस्व वाली सीट, सिर्फ एक बार टूटी परंपरा
आजादी के बाद से अब तक हुए 17 विधानसभा चुनावों में से 16 बार यहां राजपूत समाज के उम्मीदवार विजयी रहे हैं। केवल वर्ष 2000 में आरजेडी के सुरेश मेहता गैर-राजपूत प्रत्याशी के रूप में जीते थे।
भाजपा के रामाधर सिंह चार बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं। 2020 के चुनाव में कांग्रेस के आनंद शंकर सिंह ने उन्हें करीबी मुकाबले में हराया था, जबकि बसपा प्रत्याशी अनिल कुमार को 18 हजार वोट मिले थे।
सवर्ण वोटर तय करते हैं चुनावी गणित
राजपूत बहुल क्षेत्र होने के कारण इस सीट पर सवर्ण मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। इस बार भाजपा ने त्रिविक्रम नारायण सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस से आनंद शंकर सिंह, बसपा से शक्ति कुमार मिश्रा, जनसुराज पार्टी से नंदकिशोर यादव समेत कुल 15 प्रत्याशी मैदान में हैं।
बिहार रवाना होंगे सेन
एक दिन के लिए भिलाई लौटे विधायक रिकेश सेन आज शाम पुनः केंद्रीय संगठन से मिले दायित्व का निर्वहन करने बिहार रवाना होंगे। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें औरंगाबाद विधानसभा का प्रभारी बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।









