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वाह जिंदगी वाह: मुस्कुराना स्ट्रेस की सबसे बड़ी एंटीडोज – प्रो. गिरीश

वाह जिंदगी वाह: मुस्कुराना स्ट्रेस की सबसे बड़ी एंटीडोज - प्रो. गिरीश

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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के “आनंद सरोवर” (बघेरा, दुर्ग) स्थित कमला दीदी सभागार में रविवार को पांच दिवसीय “वाह जिंदगी वाह” शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता प्रोफेसर ई.वी. गिरीश ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर ने सृष्टि के सभी प्राणियों में मुस्कुराने की अनमोल कला केवल मनुष्य को दी है। मुस्कुराना ही तनाव (Stress) की सबसे बड़ी एंटीडोज और रामबाण दवा है।

बच्चे 300 बार मुस्कुराते हैं, हम 10 बार भी नहीं

प्रोफेसर गिरीश ने एक वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि एक साल का बच्चा 24 घंटे में लगभग 300 बार मुस्कुराता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ हमारी मुस्कुराहट गायब होती जा रही है। उन्होंने भीड़ से संवाद करते हुए पूछा तो पता चला कि वयस्क दिन भर में मुश्किल से 5 से 10 बार ही मुस्कुराते हैं। उन्होंने सभागार में मौजूद लोगों को मुस्कुराने की एक्सरसाइज भी कराई और कहा कि हमें आत्मचिंतन करना चाहिए कि हमारी जिंदगी खुशियों के मामले में पहले से बेहतर हुई है या बदतर।

अपेक्षाएं ही तनाव का मुख्य कारण

तनाव के कारणों पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्ता ने बताया कि वैज्ञानिकों ने तनाव के आठ बड़े कारण माने हैं, जिनमें ‘फाइनेंस’ (पैसा) और ‘संबंध’ (रिश्ते) प्रमुख हैं। हम धनवान बनने की होड़ में अपना धैर्य खोते जा रहे हैं। वहीं, रिश्तों में तनाव का सबसे बड़ा कारण ‘दूसरों से अपेक्षा’ रखना है। प्रो. गिरीश ने मूलमंत्र दिया कि “दूसरों के प्रति हमारी अपेक्षाएं (Expectations) जितनी कम होंगी, हम उतना ही तनाव रहित रह पाएंगे।” बिना शर्त प्यार और क्षमा भाव से ही परिवार सुखी बनेगा।

कलेक्टर बोले- स्वास्थ्य और आनंद से समझौता न करें

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ में आने का यह मेरा पहला अवसर है और यहां का विषय मुझे खींच लाया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर, वकील हो या प्रशासनिक अधिकारी, बड़े पदों पर बड़ी जिम्मेदारियों के साथ एथिकल चुनौतियां और मानसिक दबाव भी आता है। अक्सर हम काम के बोझ में परिवार और छोटे-छोटे आनंद के पलों के लिए समय नहीं निकाल पाते। बाद में महसूस होता है कि हमने स्वास्थ्य और जीवन के आनंद से समझौता किया है। उन्होंने इस आयोजन के लिए संस्था को साधुवाद देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम लोगों के जीवन से बाधाओं को दूर करने और मूल्यों के प्रति प्रेरित करने में कारगर साबित होगा।

दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इससे पूर्व, कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान मुख्य वक्ता प्रो. ई.वी. गिरीश, कलेक्टर अभिजीत सिंह, प्रसिद्ध व्यवसायी अशोक राठी, रुंगटा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन संतोष रुंगटा और ब्रह्माकुमारीज़ दुर्ग की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी रीटा बहन जी मंच पर उपस्थित रहे।

स्वागत नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति कुमारी धारणी, वेणुलता, गुनगुन और कुमारी जागृति ने दी। मंच का कुशल संचालन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रूपाली बहन जी ने किया।

पांच दिनों तक चलेगा शिविर

ब्रह्माकुमारी रीटा बहन जी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह शिविर 5 दिनों तक चलेगा। इसमें प्रो. ई.वी. गिरीश अलग-अलग दिन तनाव मुक्त जीवन, स्वास्थ्य, संबंधों में मधुरता, परम सत्ता का ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन विषयों पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम में एसडीआरएफ (SDRF) के सैकड़ों जवानों और शहर के गणमान्य नागरिकों सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

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