दुर्ग / भिलाई (रोहितास सिंह भुवाल)।
सनातन धर्म के ध्वजवाहक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से आयोजित होने वाली दिव्य हनुमंत कथा को लेकर इस्पात नगरी दुर्ग-भिलाई सहित पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह का माहौल है। कथा की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। पांच दिवसीय इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आगाज 25 दिसंबर को ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ होगा।
पीले वस्त्रों में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के प्रथम दिवस यानी 25 दिसंबर को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लिए सम्मिलित होंगी। कलश यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
आयोजक राकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में तैयारियां तेज
25 से 29 दिसंबर तक चलने वाली इस श्री हनुमंत कथा के आयोजन को लेकर ‘सेवा समर्पण समिति’ दिन-रात जुटी हुई है। कार्यक्रम के आयोजक और सेवा समर्पण समिति के संयोजक राकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। कार्यक्रम के सफल संपादन और इसकी भव्यता सुनिश्चित करने के लिए बैठकों का दौर लगातार चल रहा है।
‘घर वापसी’ के लिए संपर्क
श्री हनुमंत कथा के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू ‘घर वापसी’ का भी रहेगा। जानकारी के मुताबिक, धर्म परिवर्तन कर चुके कई लोगों ने सनातन धर्म में पुनः वापसी (घर वापसी) को लेकर समिति से संपर्क किया है। समिति द्वारा इसे लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कथा में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्था को सुचारू बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है:
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पार्किंग व्यवस्था: वाहनों के लिए जगह चिन्हांकित कर ली गई है, जहां बैरिकेडिंग और बांस-बल्लियों से घेरा बनाया जा रहा है ताकि पार्किंग बेहतर हो सके।
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वॉलिंटियर कार्ड: व्यवस्था संभालने वाले हनुमंत भक्तों (वॉलिंटियर्स) के लिए आवेदन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। समिति द्वारा परीक्षण (सत्यापन) के बाद ही सेवा कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को वॉलिंटियर कार्ड जारी किए जाएंगे।









