मुंबई।
सिनेमा जब शब्दों की सीमा लांघकर खामोशी के जरिए संवाद करने लगे, तो वह महज फिल्म नहीं, एक अनुभव बन जाता है। इसी अनुभव को पर्दे पर उतारने आ रही है शॉर्ट फिल्म ‘विशाद’। फिंचबिल मोशन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी इस फिल्म का फर्स्ट लुक आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है, जो दर्शकों को एक रहस्यमयी और भावनात्मक दुनिया की झलक दिखाता है। यह फिल्म 16 जनवरी 2026 को पॉकेट फिल्म्स (Pocket Films) यूट्यूब चैनल पर प्रीमियर के लिए तैयार है।
थके हुए इंस्पेक्टर के किरदार में आशीष विद्यार्थी
फिल्म की स्टारकास्ट इसकी सबसे बड़ी मजबूती मानी जा रही है। दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी इस फिल्म में एक थके हुए इंस्पेक्टर की भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ राजेश्वर और केतकी नारायण भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। सीमित संवादों के बीच कलाकारों की सशक्त भाव-भंगिमाएं फिल्म की कहानी को जीवंत करती नजर आएंगी।
कहानी: एक वैज्ञानिक, एक इंस्पेक्टर और अनकहा दुख
‘विशाद’ की कहानी एक शांत कस्बे में एकांत जीवन जी रहे एक वैज्ञानिक और वहां पहुंचे एक पुलिस इंस्पेक्टर के इर्द-गिर्द बुनी गई है। जो एक सामान्य जांच के रूप में शुरू होता है, वह धीरे-धीरे यादों, क्षति और गहरे दुख के सफर में बदल जाता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, इंस्पेक्टर का सामना सिर्फ सच्चाई से नहीं, बल्कि स्मृतियों की उन परछाइयों से होता है, जिन्हें लंबे समय से वक्त की परतों में दफन कर दिया गया था।
निर्माण और निर्देशन
फिल्म का निर्माण नीलांजन रीता दत्ता ने किया है। वहीं, सह-निर्देशन की जिम्मेदारी नवनीता सेन और नीलांजन रीता दत्ता ने संयुक्त रूप से संभाली है। फिल्म की संवेदनशील और परतदार पटकथा नवनीता सेन ने लिखी है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करती है। फिल्म के संगीतकार आशु चक्रवर्ती हैं, जिनका संगीत कहानी की उदास और ध्यानात्मक टोन को और गहरा बनाता है।
मेकर्स की जुबानी
फिल्म की लेखिका और सह-निर्देशक नवनीता सेन कहती हैं, “‘विशाद’ जवाबों से ज़्यादा प्रतिध्वनियों की कहानी है। यह इस बात की पड़ताल है कि शोक हमारे भीतर चुपचाप कैसे जीवित रहता है और कैसे खामोशी कई बार शब्दों से ज़्यादा कुछ कह जाती है।”
वहीं, निर्माता और सह-निर्देशक नीलांजन रीता दत्ता ने इसे अपने दिल के बेहद करीब बताया। उन्होंने कहा, “विशाद एक मानवीय कहानी है, जिसे संयम और संवेदनशीलता के साथ कहने की कोशिश की गई है।”
मिनिमलिस्ट ट्रीटमेंट और शानदार सिनेमैटोग्राफी के साथ ‘विशाद’ यथार्थ और स्मृति के बीच की धुंधली लकीर को छूती है। फर्स्ट लुक ने दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।






