Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

सपनों का आशियाना: सीएम विष्णु देव साय की पहल से हेमचंद के परिवार को मिली सुरक्षित छत, पिता के हाथों हुआ गृह प्रवेश

Pradhan Mantri Awas Yojana Chhattisgarh

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं


फरसगांव/कोंडागांव।

बरसात के दिनों में टपकती छत और कमजोर दीवारों का डर अब अतीत की बात हो गई है। कोंडागांव जिले की नगर पंचायत फरसगांव के वार्ड क्रमांक-4 में एक बेटे ने अपने पिता को वह सुरक्षा और सम्मान दिया है, जिसके वे हकदार थे। यह संभव हुआ है प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘हर परिवार को सुरक्षित आवास’ देने के विजन से। वार्ड निवासी हेमचंद नाग ने योजना के तहत मिले पक्के मकान को अपने पिता तिरकू राम नाग को समर्पित कर एक मिसाल पेश की है।

बांस और मिट्टी के घर में कट रही थी जिंदगी

हेमचंद नाग का परिवार अब तक जिस मकान में रह रहा था, वह बांस और मिट्टी का बना था। बारिश के मौसम में घर की दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाती थीं, जिससे परिवार की सुरक्षा पर हमेशा खतरा बना रहता था। हालात इतने विषम थे कि सुरक्षा के लिहाज से हेमचंद को अपने बुजुर्ग पिता तिरकू राम नाग को कुछ समय के लिए भाई के घर भेजना पड़ा था। पत्नी और दो बच्चों के साथ कच्ची छत के नीचे गुजर-बसर करना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा था।

3.05 लाख की लागत से 29 वर्गमीटर में बना घर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ पहुंचाने की मुहिम रंग लाई। वार्ड स्तर पर हुए सर्वे और जानकारी संकलन के दौरान हेमचंद नाग को इस योजना से जोड़ा गया। नगर पंचायत और अधिकारियों की सक्रियता से आवास की स्वीकृति मिली। 3.05 लाख रुपये की लागत से 29 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पक्का मकान बनकर तैयार हुआ।

गृह प्रवेश पर छलके पिता के आंसू

नवनिर्मित भवन के गृह प्रवेश के मौके पर भावुक क्षण देखने को मिला। हेमचंद ने अपनी मेहनत और शासन के सहयोग से बने इस घर की चाबी एक तरह से अपने पिता को सौंपी। उन्होंने सबसे पहले पिता तिरकू राम नाग के हाथों ही विधिवत पूजा करवाई। पक्का घर और बेटे का समर्पण देखकर पिता भावुक हो उठे।

‘अंत्योदय’ का सपना हो रहा साकार

हेमचंद नाग ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि सीएम का विजन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। उन्होंने सहयोग के लिए स्थानीय पार्षद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और नगर पंचायत के कर्मचारियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow