Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

दुर्ग: आवास दिवस पर मिली सौगात, अब 125 दिन मिलेगा रोजगार

Omdarpan News

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Listen to this article

Omdarpan News Omdarpan News Omdarpan News

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

जिले में अब हर महीने की 7 तारीख ग्रामीणों के लिए खास होगी। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, जिले में ‘चावल महोत्सव’ और ‘रोजगार दिवस’ के साथ-साथ अब “आवास दिवस” भी मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड दुर्ग की ग्राम पंचायत बासीन में आवास और रोजगार दिवस का गरिमामयी आयोजन किया गया, जहां जिला पंचायत के शीर्ष अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर धरातल पर योजनाओं की हकीकत जानी।

क्यूआर कोड से मिली योजनाओं की कुंडली

ग्राम चौपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ बजरंग कुमार दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजरे और उपाध्यक्ष पवन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। डिजिटल भारत की तस्वीर पेश करते हुए अध्यक्ष और सीईओ ने क्यूआर (QR) कोड स्कैन कर पंचायत में चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों को भी क्यूआर कोड के जरिए योजनाओं का ब्यौरा उपलब्ध कराया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

पीएम आवास और मनरेगा का नया स्वरूप

आवास दिवस पर ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और महात्मा गांधी नरेगा के बारे में जागरूक किया गया।

  • टोल फ्री नंबर जारी: प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतों और जानकारी के लिए 1800-233-1290 का व्यापक प्रचार किया गया।

  • 90 दिन की मजदूरी: सीईओ बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि PMAY-G के हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए 90 दिन की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ दिया जाएगा।

  • सामग्री बैंक: निर्माण सामग्री की समस्याओं को हल करने के लिए सामग्री बैंक की स्थापना और पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

अब 100 नहीं, 125 दिन मिलेगा काम (VB-GRAM-G)

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण केंद्र सरकार की नई पहल ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण’ (VB-GRAM-G) रही। अधिकारियों ने बताया कि यह मनरेगा का ही आधुनिक स्वरूप है, जिसका लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना है। इस नए स्वरूप में ग्रामीणों को बड़े लाभ मिलेंगे:

  1. बढ़े हुए दिन: रोजगार के दिन अब 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं।

  2. त्वरित भुगतान: मजदूरी का भुगतान कार्य के एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

  3. बेरोजगारी भत्ता: काम मांगने पर रोजगार न मिलने की स्थिति में भत्ते का प्रावधान है।

  4. खेती का ध्यान: धान की खेती के पीक सीजन में 60 दिनों तक सरकारी काम बंद रहेगा, ताकि किसानी प्रभावित न हो।

पलायन रुकेगा, गांव होंगे सशक्त

ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए शासन-प्रशासन का आभार जताया। उनका कहना है कि गांव में ही 125 दिन का रोजगार और समय पर भुगतान मिलने से पलायन रुकेगा। आजीविका डबरी निर्माण और अन्य योजनाओं के अभिसरण (Convergence) से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

news paper editing
previous arrow
next arrow