प्रयागराज।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को प्रयागराज में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी ‘अहंकारी’ के बजाय माननीय केशव प्रसाद मौर्य जैसे ‘समझदार व्यक्ति’ को होना चाहिए।
शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण पद पर ऐसा व्यक्ति नहीं बैठना चाहिए जो स्वभाव से जिद्दी हो और बदले की भावना से काम करता हो। उन्होंने उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए उस आश्वासन का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने शंकराचार्य से जुड़ी हालिया घटना के दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी।
केशव मौर्य की समझदारी की प्रशंसा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि श्री मौर्य जमीनी हकीकत को समझते हैं। वे जानते हैं कि इस मामले को और अधिक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पार्टी की छवि और भविष्य को नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की भावुक अपील भी की थी।
18 जनवरी से जारी है विरोध प्रदर्शन
विवाद की जड़ मौनी अमावस्या के अवसर पर हुई एक घटना है। संगम क्षेत्र में पालकी को रोके जाने और अपने शिष्यों के साथ हुई बदसलूकी के विरोध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 18 जनवरी से धरने पर बैठे हैं। वे लगातार उन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन में व्यवधान डाला था।









