रायपुर/नई दिल्ली |
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में चल रहे ग्रामीण विकास कार्यों और आवास निर्माण की गति को अन्य राज्यों के लिए ‘रोल मॉडल’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार अब और तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
श्री चौहान ने मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक ली। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की रिकॉर्ड गति
केंद्रीय मंत्री ने समीक्षा के दौरान बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास निर्माण की गति सराहनीय है। विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार गठन के महज दो सालों के भीतर ही राज्य में 8.41 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जो पूरे देश में अव्वल है। आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए कुल 24.58 लाख की स्वीकृति मिली है, जिसमें से 17.60 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। श्री चौहान ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यशैली अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायी है।
बस्तर के लिए बनेगी विशेष रणनीति
समीक्षा बैठक में बस्तर संभाग के विकास पर विशेष जोर दिया गया। श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस्तर में लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए एक ‘विशेष रणनीति’ तैयार की जाए। उन्होंने कहा, “बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।”
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की सराहना
आवास निर्माण के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण अभियान ‘मोर गांव मोर पानी’ की भी मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने बताया कि डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
लखपति दीदी और रोजगार पर फोकस
श्री चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। प्रदेश में अब तक 8,000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मनरेगा व अन्य योजनाओं में मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन), पीएम-जनमन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और आरसीपीएलडब्ल्यूईए जैसी प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
उल्लेखनीय है कि पीएम-जनमन के तहत स्वीकृत 33,246 आवासों में से 18,373 पूर्ण हो चुके हैं। वहीं, विशेष परियोजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 3,416 मकान स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में 5,000 से अधिक मिस्त्रियों के प्रशिक्षण, नवाचार, क्यूआर कोड और ‘दीदी के गोठ’ जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। श्री चौहान ने एनआरएलएम (NRLM) में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती के निर्देश भी दिए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।







