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दुर्ग निगम कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: 10 महीने का इंतजार खत्म, आयुक्त ने एक झटके में खातों में डाले 5 करोड़ रुपये

Durg Nigam Karamchari Bhugtan

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दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।

दुर्ग नगर पालिक निगम ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए लंबित देयकों की 5 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। लंबे समय से रुके हुए जी.पी.एफ (GPF), एन.पी.एस (NPS), उपादान (ग्रेच्युटी) और अवकाश नगदीकरण का पैसा खातों में आते ही निगम कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के कड़े निर्देशों के बाद निगम प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह राशि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खातों में सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी है।

10 माह के GPF-NPS का हुआ भुगतान

आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देशन में मई 2025 से फरवरी 2026 तक के 10 महीनों की लंबित जी.पी.एफ और एन.पी.एस राशि का भुगतान कर दिया गया है। यह राशि लगभग 2 करोड़ 26 लाख रुपये है, जिसे सीधे कर्मचारियों के खातों में भेजा गया है। इससे कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिली राहत

निगम प्रशासन ने न केवल कार्यरत बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उपादान (ग्रेच्युटी) के मद में लगभग 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से करीब 1.5 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में जमा कर दी गई है।

अवकाश नगदीकरण: सोमवार को प्रथम व द्वितीय वर्ग को मिलेगा पैसा

अवकाश नगदीकरण (Leave Encashment) के मद में निगम ने कुल 1 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें से तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के खाते में 66.50 लाख रुपये जमा कर दिए गए हैं। आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित प्रथम एवं द्वितीय वर्ग के अधिकारियों के अवकाश नगदीकरण की शेष राशि सोमवार तक उनके खातों में जमा कर दी जाएगी।

कर्मचारी संघ ने जताया आभार

लंबित देयकों के इस त्वरित भुगतान पर स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ ने निगम प्रशासन और आयुक्त सुमित अग्रवाल के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा, महामंत्री अनिल सिंह, शशिकांत यादव, ईश्वर वर्मा, योगेंद्र वर्मा सहित समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि इस फैसले से उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिली है और निगम प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। निगम प्रशासन ने भी भविष्य में कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।

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