कोलकाता (ओमदर्पण न्यूज़)।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हुए रिकॉर्ड मतदान ने राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। कई सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल के अनुमान जारी कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले 15 वर्षों से कायम अपनी सत्ता को बचाए रखने में कामयाब होंगी, या ‘भद्रलोक’ कहे जाने वाले बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार अपने दम पर सरकार बनाएगी?
पांच साल बाद 2026 के इस चुनावी रण में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ‘दो पत्तियों’ के निशान और भाजपा के ‘कमल’ के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। इतिहास में हुई इस सर्वाधिक वोटिंग के बाद अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
इतिहास में पहली बार हिंसा मुक्त चुनाव: प्रदीप भंडारी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने चुनाव संपन्न होने पर खुशी जाहिर करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 4 मई को नतीजे घोषित होते ही दो बातें स्पष्ट हो जाएंगी। पहला- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का विजन मजबूत होगा और बंगाल में भाजपा पहली बार सरकार बनाएगी। साथ ही असम, पुदुचेरी और तमिलनाडु में एनडीए आगे बढ़ेगी।
भंडारी ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद इंडी गठबंधन के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठेंगे और यह गठबंधन बिखर जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 70 वर्षों में कांग्रेस, वामपंथ और टीएमसी के शासनकाल में पहली बार बंगाल ने बिना किसी हिंसा और जनहानि के भयमुक्त मतदान देखा है। मतदाताओं ने बड़ी संख्या में बाहर आकर स्वतंत्र रूप से वोट डाला है, जो बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
टीएमसी के कुशासन और चोरी से ऊबी जनता: राहुल सिन्हा
कोलकाता में मीडिया से मुखातिब होते हुए भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी बंगाल में सत्ता परिवर्तन की हुंकार भरी। सिन्हा ने कहा कि प्रदेश की जनता टीएमसी के कुशासन और भ्रष्टाचार से पूरी तरह ऊब चुकी है और अब विकास के लिए भाजपा की ओर देख रही है।
उन्होंने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के सांप्रदायिक संतुलन को बिगाड़ने और इसे ‘बांग्लादेश’ बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे जनता अब समझ चुकी है। सिन्हा ने शांतिपूर्ण और निडर मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षाबलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि गुंडागर्दी पर लगाम लगने के कारण ही लोगों ने निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।






