नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।
अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस (3 मई 2026) के अवसर पर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘रन फॉर सन’ मैराथन का आयोजन किया। यह दौड़ सौर ऊर्जा की उस ताकत को समर्पित थी, जिसने देश के लाखों घरों में उजियारा फैलाया है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त किया है।
एक महीने में रिकॉर्ड 2.7 लाख इंस्टॉलेशन
इस कार्यक्रम के माध्यम से ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत हासिल की गई ऐतिहासिक प्रगति का जश्न मनाया गया। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 के एक ही महीने में रिकॉर्ड 2.7 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए गए हैं। अब तक देश भर में 30 लाख सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं, जिसका सीधा लाभ 45 लाख से अधिक घरों को मिल रहा है।
12 साल में 53 गुना बढ़ी सौर क्षमता
पश्चिम एशिया में बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच, भारत स्वच्छ ऊर्जा के दम पर आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 31 मार्च 2026 तक भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 150 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई है, जो साल 2014 में मात्र 2.82 गीगावाट थी। यानी महज 12 वर्षों में इसमें 53 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें से 50 गीगावाट क्षमता तो केवल पिछले 15 महीनों में जोड़ी गई है, जो अब तक की सबसे तेज वृद्धि है।
2030 का लक्ष्य समय से पहले हासिल
भारत ने अपनी स्थापित विद्युत क्षमता का लगभग 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन (स्वच्छ ऊर्जा) स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य 2030 की तय समयसीमा से काफी पहले ही हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित करने की क्षमता के मामले में भारत अब विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर काबिज हो गया है।
हर घर तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य: सचिव
‘रन फॉर सन’ मैराथन में 2 किमी और 5 किमी की दौड़ आयोजित की गई, जिसमें सभी आयु वर्ग के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि यह मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सामूहिक पहल है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का पूरा फोकस ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का लाभ देश के प्रत्येक घर तक पहुंचाने पर है।






