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सांसद विजय बघेल ने देखी ‘रमाई’, नत्था और रज़ा मुराद की इस फिल्म में ऐसा क्या है जिसे उन्होंने बताया ‘हर वर्ग के लिए जरूरी’?

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  •  भिलाई में सांसद विजय बघेल ने कलाकारों के साथ देखी ऐतिहासिक फिल्म ‘रमाई’, डॉ. अंबेडकर और रमाबाई के संघर्षों की जमकर की सराहना

भिलाई (ओमदर्पण न्यूज़)।

दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने सोमवार सुबह भिलाई के चंद्रा मौर्या टॉकीज़ में ऐतिहासिक बॉलीवुड हिंदी फिल्म ‘रमाई’ (Ramai) का अवलोकन किया। उन्होंने यह फिल्म अपने सहयोगियों और फिल्म के कलाकारों के साथ देखी। फिल्म देखने के बाद सांसद विजय बघेल ने इसकी जमकर सराहना की और इसे समाज के हर वर्ग के लिए एक मस्ट-वॉच (जरूर देखने योग्य) फिल्म बताया।

इन कलाकारों ने निभाया है अहम किरदार

फिल्म ‘रमाई’ में प्रेरणा धावड़े, डॉ. उदय, ओमकार दास मानिकपुरी (नत्था), रज़ा मुराद मुख्य भूमिका में हैं, जबकि निर्मला कृष्ण चौहान ने विशेष भूमिका निभाई है। इस फिल्म के सह-निर्माता राजकुमार रामटेके और निर्देशक व लेखक कबीर दा हैं। प्रोडक्शन हेड शैलेन्द्र भगत और आर्ट डायरेक्टर प्रवीण वासनिक हैं, वहीं फिल्म में संगीत और बैकग्राउंड म्यूजिक दिनेश अर्जुन ने दिया है।

सफलता के पीछे जीवनसाथी का अहम योगदान

फिल्म की सराहना करते हुए सांसद विजय बघेल ने कहा कि यह फिल्म संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर आधारित है। इसमें उनकी पत्नी रमाई (रामाबाई अंबेडकर) के त्याग, संघर्ष और योगदान को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से रूपहले पर्दे पर उतारा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके जीवनसाथी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, और इस बात को फिल्म में बखूबी साबित किया गया है।

सामाजिक अधिकारों की लड़ाई को जीवंत करती है फिल्म

फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे रमाई ने कठिन परिस्थितियों में लकड़ियां बेचकर अपने पति की शिक्षा के लिए धन जुटाया। इसके साथ ही, डॉ. अंबेडकर के बैरिस्टर बनकर विदेश से लौटने के बाद समाज सुधार के लिए किए गए उनके संघर्ष को भी गहराई से चित्रित किया गया है।

फिल्म में बहिष्कृत समाज के अधिकारों के लिए हुए आंदोलनों, 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग, महिला-पुरुष को समान वेतन, पानी का अधिकार और स्वतंत्र मतदान जैसे गंभीर सामाजिक व ऐतिहासिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।

सांसद बघेल ने कहा कि यह ऐतिहासिक फिल्म समाज में व्याप्त भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ एक सशक्त संदेश देती है। अंत में उन्होंने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों और निर्माण दल को अपनी शुभकामनाएं दीं।

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