दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत पर छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने इसे सुशासन और राष्ट्रवाद की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह विजय स्पष्ट करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” का संकल्प आज देश के हर कोने में जन-जन की आकांक्षाओं से जुड़ चुका है।
दुर्गापुर पश्चिम में 4 महीने तक किया सघन प्रचार
राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और प्रदेश भाजपा नेतृत्व के आह्वान पर जितेन्द्र वर्मा ने जनवरी 2026 से मई 2026 तक पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में निरंतर प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय के सानिध्य में काम करते हुए बूथ मैनेजमेंट को मजबूत किया। वर्मा ने न केवल दुर्गापुर पश्चिम बल्कि आसपास के कई विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क कर पार्टी की विचारधारा को जनता तक पहुंचाया। उनकी मेहनत और संगठन कौशल ने इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नमो-नितिन और अमित शाह की रणनीति का परिणाम
जितेन्द्र वर्मा ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रभावी रणनीति और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के समर्पित मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के नेतृत्व में भाजपा ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विकास की जो धारा प्रवाहित की है, उस पर जनता ने अपनी मुहर लगाई है।
टीएमसी के गुंडों का भय खत्म कर जगाया विश्वास
पश्चिम बंगाल के चुनावी हालातों का जिक्र करते हुए जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि वहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडों का भय जनता में इस कदर व्याप्त था कि सबसे पहला और कठिन काम लोगों को निडर होकर मतदान करने का भरोसा दिलाना था। राजनीतिक हिंसा के लिए बदनाम बंगाल में जनता ने आतंक के साये से बाहर निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
तुष्टिकरण और घुसपैठ पर कड़ा प्रहार
वर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का राष्ट्रीय महत्व है। ममता बनर्जी सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों के कारण राष्ट्र विरोधी ताकतें मजबूत हो रही थीं और राज्य को अवैध घुसपैठियों का स्वागत द्वार बनाकर देश की अखंडता को खतरे में डाला जा रहा था। संविधान और कानून व्यवस्था से परे जाकर काम करने वाली सरकार को जनता ने नकार दिया है।
अंत में जितेन्द्र वर्मा ने इस जीत को दिन-रात मेहनत करने वाले हर उस जमीनी कार्यकर्ता को समर्पित किया, जिसने पार्टी के संदेश को जनता तक पहुंचाया। उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया।






