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दुर्गश्री फेडरेशन: बीमा और CSR से जुड़ेंगे किसान, CEO बजरंग दुबे की अध्यक्षता में साथी परियोजना की समीक्षा बैठक संपन्न

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दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)। 

किसानों और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘साथी बाजार परियोजना’ और ‘दुर्गश्री फेडरेशन’ के कार्यों में तेजी आ गई है। शुक्रवार को जिला पंचायत दुर्ग के सभागृह में साथी परियोजना की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बजरंग कुमार दुबे की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक में ‘नाफेड’ (NAFED) की ओर से सीनियर मैनेजर पूजा टामटे, सीनियर मैनेजर लिसा भट्टाचार्य, स्टेट हेड अनुराग लल्ल और नेशनल कोऑर्डिनेटर मनीष शाहा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान तुलसी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के पदाधिकारियों ने साथी बाजार दुर्ग में अब तक हुए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

150 उद्यम स्थलों का होगा निर्माण

समीक्षा बैठक में दुर्गश्री फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. योगेश सोनकर ने बताया कि फेडरेशन के निर्माण का सिविल कार्य शुरू हो चुका है। इसके बाद प्री-फेब्रिकेशन स्ट्रक्चर के माध्यम से लगभग 150 उद्यम स्थलों का निर्माण प्रस्तावित है। इन उद्यम स्थलों का खर्च निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित उद्यमियों द्वारा ही वहन किया जाएगा।

ज्ञात हो कि साथी बाजार दुर्ग का भूमि पूजन इसी वर्ष 20 फरवरी को कृषि मंत्री राम विचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर द्वारा किया गया था। इस परियोजना को तकनीकी समर्थन देने के लिए भिलाई तकनीकी विश्वविद्यालय सहित चार अन्य संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) भी किया जा चुका है। डॉ. सोनकर ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से फेडरेशन अपने लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

बीमा और CSR योजनाओं से जुड़ेंगे किसान

दुर्गश्री किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सचिव महेंद्र सिन्हा ने जानकारी दी कि अब तक 10 से 12 एफपीओ (FPO) को फेडरेशन से जोड़ा जा चुका है। वहीं, उपाध्यक्ष निधि चंद्राकर ने बताया कि जिले की सीएसआर (CSR) योजनाओं से समन्वय स्थापित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।

बैठक में वंदना ने बताया कि विभिन्न बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर किसानों और उद्यमियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और शॉप इंश्योरेंस जैसी योजनाओं पर काम किया जा रहा है। नाफेड की सीनियर मैनेजर पूजा टामटे ने भी फेडरेशन के इन प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि नाफेड द्वारा भी इंश्योरेंस एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान की जाएगी, जिससे सदस्यों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके।

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