वॉशिंगटन/तेहरान:
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता और 7 अप्रैल से लागू युद्धविराम के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। सोमवार सुबह दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमला यानी रक्षात्मक कार्रवाई देखने को मिली है। इस कार्रवाई के बाद बंदर अब्बास शहर और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास तटीय इलाकों में कई धमाकों की गूंज सुनाई दी।
दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमला: सेंटकॉम का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने सोमवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि क्षेत्र में अमेरिकी सेना द्वारा रक्षात्मक हमले किए गए हैं। सेंटकॉम के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने इस पूरी कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी है।
समुद्र में बारूदी सुरंगें और सैनिकों की सुरक्षा
नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स के अनुसार, ये रक्षात्मक हमले अमेरिकी सैनिकों को उन गंभीर खतरों से बचाने के लिए किए गए थे, जो ईरानी सेना की नावों और मिसाइल लॉन्च साइटों से पैदा हो रहे थे। प्रवक्ता ने बताया कि ईरानी नावें समुद्र में माइन्स यानी बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं, जिसे रोकना बेहद आवश्यक था।
7 अप्रैल का युद्धविराम और अमेरिका का रुख
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल से युद्धविराम लागू है और अब तक इसका कोई गंभीर उल्लंघन नहीं देखा गया था। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अभी भी युद्धविराम का पूरी तरह से पालन कर रहा है, लेकिन अपने सैन्य बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।









