नई दिल्ली। (ओम दर्पण न्यूज़):
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा को नियुक्त कर भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हर्ष मल्होत्रा को अब दिल्ली प्रदेश की कमान सौंपी गई है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस नई नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की है। यह नियुक्ति आदेश जारी होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
कौन हैं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा?
हर्ष मल्होत्रा सार्वजनिक जीवन और पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक समय से सक्रिय हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से जीत दर्ज की और सांसद चुने गए।
सांसद बनने के बाद, केंद्र सरकार में उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई। वर्तमान में वह कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर कार्यरत हैं।
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पार्षद से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
हर्ष मल्होत्रा का स्थानीय निकाय की राजनीति में एक लंबा और अनुभवी रिकॉर्ड रहा है।
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2012: वेलकम वार्ड से पहली बार पार्षद चुने गए।
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2015-16: पूर्ववर्ती पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) के मेयर के रूप में कार्य किया।
संगठन के भीतर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला है। प्रदेश अध्यक्ष के इस नए पद पर नियुक्त होने से ठीक पहले, वह दिल्ली भाजपा के महासचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और प्रशिक्षण वर्ग प्रमुख जैसी अहम भूमिकाएं भी सफलतापूर्वक निभाई हैं।
नियुक्ति के पीछे का रणनीतिक और पंजाब कनेक्शन
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की इस ताजपोशी को महज़ दिल्ली तक सीमित नहीं देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी आलाकमान ने यह फैसला अगले वर्ष प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लिया है।
पार्टी एक ऐसे नेता की तलाश में थी, जिसकी सामाजिक और राजनीतिक स्वीकार्यता दिल्ली के साथ-साथ पंजाब की राजनीति में भी भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो। इसी रणनीतिक दृष्टि से संभावित दावेदारों की सूची में से हर्ष मल्होत्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।
मल्होत्रा पंजाबी समुदाय से आते हैं और लंबे समय से चुनावी व संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय हैं। दिल्ली और पंजाब के मौजूदा सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए उनकी इस नियुक्ति को भारतीय जनता पार्टी का एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।










