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छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु और गजानंद यादव का हुआ सम्मान, रैली में उमड़ी भारी भीड़
रायपुर | राजधानी रायपुर में नौ अगस्त दो हजार छब्बीस को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम और विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने सहभागिता कर अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का परिचय दिया। इस दौरान छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु और मगधा यादव समाज के रायपुर जिला अध्यक्ष गजानंद यादव का आदिवासी समाज द्वारा सम्मान किया गया। प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत कर सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विशाल रैली के दौरान रमेश यदु ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष आदिवासी समाज के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जल-जंगल-जमीन को सुरक्षित रखने की मांग रखी। यदु ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और जीवन प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के साथ-साथ समाज के अधिकारों और हितों की सुरक्षा आवश्यक है।
जल-जंगल-जमीन को बताया आदिवासी समाज की पहचान
रमेश यदु ने संबोधन में कहा कि जल, जंगल और जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि आदिवासी समाज के जीवन, संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने इन संसाधनों के संरक्षण के साथ आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सामाजिक एकता को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। यदु के अनुसार, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
रैली में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
कार्यक्रम के दौरान निकाली गई विशाल रैली में पारंपरिक वेशभूषा, विभिन्न झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। रैली में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाई। अंत में सामाजिक एकता, संस्कृति के संरक्षण और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। यह भव्य कार्यक्रम सामाजिक एकता और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के संकल्प का प्रभावशाली संदेश बनकर उभरा।









