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एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा रद्द, 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित; सितंबर के प्रथम सप्ताह में होगी पुनरीक्षित परीक्षा।
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आइजीकेवी) में पेपर लीक का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की ‘एंटोमोलॉजी’ (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा शुरू होने से करीब 2 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। इस धांधली की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात साइबर सेल और तेलीबांधा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
व्हाट्सएप पर फैला ‘कीट विज्ञान’ का पेपर
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह 8 बजे ही पेपर लीक होने की शिकायतें मिलने लगी थीं। इसके बावजूद निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू करा दी गई। जब शिकायतों का सिलसिला नहीं थमा, तो विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। लंबी चर्चा के बाद दोपहर 2 बजे परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। इस परीक्षा में प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिन्हें अब सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा परीक्षा देनी होगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी जांच कमेटी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े रुख के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति जांच करेगी कि प्रश्नपत्र का स्रोत क्या था, यह किस माध्यम से फैला और कितने छात्रों तक पहुंचा। साथ ही, व्हाट्सएप पर वायरल पेपर का मिलान परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र से किया जाएगा।
“इंदिरा गांधी कृषि विवि प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। इस मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
– विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री)
पुराने अनुभवों से नहीं लिया सबक
गौरतलब है कि मार्च 2024 में भी आइजीकेवी की परीक्षा के दौरान पेपर लीक की शिकायतें आई थीं, लेकिन तब जांच समिति ने इसे महज एक अफवाह बताकर पल्ला झाड़ लिया था। इस बार फिर से हुई इस चूक ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और राजनांदगांव समेत प्रदेश के 25 से अधिक केंद्रों के छात्र इस अव्यवस्था के कारण परेशान हुए।
“परीक्षा की निष्पक्षता और सभी विद्यार्थियों के हित में पेपर रद्द किया गया है। जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।”
– डॉ. कपिल देव दीपक (रजिस्ट्रार, आइजीकेवी)
छत्तीसगढ़ में पेपर लीक का इतिहास
प्रदेश में पेपर लीक का यह कोई पहला मामला नहीं है। मार्च 2026 में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड की हिंदी की परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसे रद्द कर 10 अप्रैल को दोबारा कराया गया था। वहीं, वर्ष 2021 और 2022 में सीजीपीएससी की राज्य सेवा परीक्षाओं में भी भ्रष्टाचार और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे, जिस पर हाई कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की थी।









