नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सेशेल्स गणराज्य की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष अज़ारेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और दीर्घकालिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
उपराष्ट्रपति ने सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ पर वहां की सरकार और जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अज़ारेल अर्नेस्टा को सेशेल्स नेशनल असेंबली की पहली महिला अध्यक्ष बनने पर बधाई दी और जनवरी 2026 में दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल अध्यक्षों के सम्मेलन में उनकी भागीदारी का जिक्र किया।
राधाकृष्णन ने अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए की गई अपनी सेशेल्स यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी, जहां उन्हें वहां की जनता से भरपूर स्नेह मिला।
175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज
द्विपक्षीय संबंधों में साल 2026 के महत्व को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय यात्राएं हुईं। उन्होंने फरवरी 2026 में सेशेल्स के लिए घोषित 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज का उल्लेख किया, जिससे विकास और सुरक्षा साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी।
पेपरलेस और डिजिटल होगी संसद
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सचिवालय में चल रहे आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्यवाही को कागज रहित बनाने, कई भाषाओं में अनुवाद और साइबर सुरक्षा के लिए क्षमता निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के साथ यह अनुभव साझा करने की पेशकश की है।
सेतु का काम कर रहा भारतीय समुदाय
लोगों के बीच आपसी संबंधों पर चर्चा करते हुए राधाकृष्णन ने सेशेल्स में बसे गुजराती और तमिल समुदायों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये समुदाय दोनों देशों के बीच मित्रता के स्थायी सेतु हैं। साथ ही उन्होंने सेशेल्स की स्पीकर द्वारा नियमित योग किए जाने को दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक बताया।









