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जशपुर: सरिया दिलाने के नाम पर 40 हजार की ठगी, झारखंड से आरोपी गिरफ्तार

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  • दो मास्टरमाइंड अब भी फरार

  • जशपुर पुलिस की कार्रवाई: लोहरदगा से दबोचा गया साइबर ठग, बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज

जशपुर.

जशपुर पुलिस ने सरिया (छड़) सप्लाई करने के नाम पर हुई साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए झारखंड के लोहरदगा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम गिरांग और महुआ टोली में ठगों ने एक ग्रामीण को सस्ती दर पर सरिया दिलाने का लालच देकर 40 हजार रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

पुलिस के मुताबिक, मामला त्रिकोणीय ठगी का है। ठगों ने पहले ग्राम गिरांग निवासी पीड़ित से संपर्क किया और उसे बाजार भाव से कम दाम पर सरिया दिलाने का झांसा देकर 40 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद ठगों ने एक स्थानीय व्यापारी को फोन कर खुद को ग्राहक बताते हुए पीड़ित के पते (महुआ टोली) पर सरिया का ऑर्डर दे दिया।

व्यापारी ने ऑर्डर के मुताबिक सरिया बताए गए स्थान पर गिरा दी। जब व्यापारी ने मौके पर मौजूद व्यक्ति से भुगतान की मांग की, तब जाकर इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ित ने बताया कि उसने तो पहले ही ऑनलाइन भुगतान कर दिया है, जबकि व्यापारी को कोई पैसा नहीं मिला था।

लोहरदगा से आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने झारखंड के लोहरदगा जिले में दबिश देकर आरोपी अहतास अंसारी (22), निवासी ग्राम गाराडीह, थाना केरो को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के दो मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) अभी फरार हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

एसएसपी ने की सतर्क रहने की अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को शिकार बना रहे हैं। उन्होंने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के प्रलोभन में न आएं। अनजान नंबरों से आने वाले लुभावने कॉल पर विश्वास न करें और न ही अपनी निजी जानकारी या पैसा साझा करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का एकमात्र उपाय है।

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