रायपुर।
निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में जल्द ही बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है, और आलाकमान के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस बार नए सचिवों और पदाधिकारियों के नामों पर चर्चा शुरू हो गई है, जो पार्टी को आगामी चुनावों में मजबूती से खड़ा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिवों और जिला अध्यक्षों के नामों की नई लिस्ट तैयार की जा रही है। पीसीसी अध्यक्ष की योजना है कि 19 मार्च को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक के बाद नए नामों को आलाकमान को सौंपा जाए। पार्टी की कोशिश है कि आगामी अप्रैल में होने वाले ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सम्मेलन से पहले कार्यकारिणी की घोषणा की जाए।
संयोजित बदलाव:
नई कार्यकारिणी में इस बार करीब 10 उपाध्यक्ष, 25 महामंत्री और 100 के आसपास सचिवों की नियुक्ति हो सकती है। खास बात यह है कि इस बार संयुक्त महासचिव का पद समाप्त कर दिया जाएगा और सचिवों को सीधे विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे संगठन का ढांचा और मजबूत होगा।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा:
इस बदलाव के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन पर भी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, आलाकमान ने इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है, लेकिन कार्यकारिणी के गठन से मौजूदा नेतृत्व को कुछ महीनों की राहत मिल सकती है।
पार्टी को मजबूती देने की रणनीति:
निकाय चुनावों में हार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को पुनः उत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। संगठन में नए चेहरे लाने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और आगामी समय में पार्टी के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।






