भिलाई (रवि कुमार भास्कर)।
नगर निगम भिलाई क्षेत्र में संचालित हो रहे खटालों को व्यवस्थित करने के लिए गोकुल नगर कुरूद में व्यवस्थापित किया गया था। गोकुल नगर योजना अंतर्गत ग्राम कुरूद स्थित नजूल भूमि खसरा नंबर 1030, रखवा 13.12 हेक्टर नगर निगम भिलाई को आवंटित है। उक्त स्थल पर शहर में संचालित हो रही 164 पशु मालिकों के खटालों को उनके पशु संख्या के आधार पर ऑफर लेटर देकर व्यवस्थापित किया गया था। 10 सितंबर 2007 को श्याम बायी एवं अन्य द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत की गई थी। याचिकाकर्ता का कथन था कि उक्त भूखंड पर उनका मालिकाना हक है। इसके परिणामस्वरूप, दिनांक 1.6.2008 को शासन के पक्ष में यथा स्थिति कायम करने हेतु स्थगन आदेश पारित किया गया था। यह आदेश स्पष्ट करता है कि खटाल का आवंटन सही था और खटाल संचालित निर्विवाद रूप से हो सकता है।
पारित आदेश के विरुद्ध याचिकाकर्ता श्याम बायी और अन्य द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय दिल्ली में याचिका दायर की गई थी, जिसे 12.1.2016 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था।
नगर निगम भिलाई के कर्मचारी श्याम बायी के पक्ष में स्टे मानकर चल रहे थे। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने इस मामले का संज्ञान लिया और उच्च न्यायालय तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की समीक्षा की। उन्हें पता चला कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह मुकदमा 12.01.2016 को खारिज कर दिया गया था। अब नगर निगम भिलाई 164 खटाल संचालकों से पूरा पैसा जमा करवाकर आगे व्यवस्थापन की प्रक्रिया कर सकता है।
आज आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन कमिश्नर ए.एस. लहरे और स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली ने कुरूद गोकुल नगर का निरीक्षण किया। वहां पर देखा गया कि खटाल मालिकों ने आवंटन से अधिक जमीन पर कब्जा कर खटाल संचालित किया हुआ था। इनको नगर निगम भिलाई द्वारा पानी, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन अभी तक उनसे कोई संपत्ति कर या अन्य राजस्व कर नहीं लिया जा रहा है।
आयुक्त पाण्डेय ने सर्वे का आदेश जारी किया। इस सर्वे दल में शरद दुबे (प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी), अनिल मिश्रा (प्रभारी सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारी), रामवृक्ष यादव (अनूरेखक), अंजनी सिंह (प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक) और अन्य अधिकारियों द्वारा तीन दिन के भीतर खटाल संचालकों का सर्वे करके प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
गोकुल नगर व्यवस्थापन योजना के तहत आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, सड़क आदि उपलब्ध कराने के लिए अर्पित बंजारे (उप अभियंता, प्राक्कलन) और उनके दल द्वारा प्राक्कलन एवं प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसे आयुक्त को प्रस्तुत किया जाएगा।
यह कदम नगर निगम भिलाई की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और एक सुंदर, व्यवस्थित भिलाई की कल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।







