
भिलाईनगर (रविकुमार भास्कर)।
दुर्ग जिले में नागरिकों को सस्ती और सुलभ यात्री सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत, दुर्ग जिले के भिलाई, दुर्ग, रिसाली, भिलाई-चरोदा, जामुल अहिवारा, कुम्हारी, अमलेश्वर, धमधा, उतई और पाटन क्षेत्रों में ई-बसें चलाने की योजना है। इस कार्यक्रम का आयोजन दुर्ग जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी की देखरेख में किया जाएगा।
ई-बसों के संचालन से न केवल वायु प्रदूषण पर रोक लगेगी, बल्कि यह पर्यावरण की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। इन बसों के माध्यम से डीजल और पेट्रोल की खपत भी कम होगी, साथ ही ध्वनि और प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह सेवा नागरिकों के लिए आवागमन का सस्ता और पर्यावरण-friendly साधन बनेगी।
सरकार ने कुल 50 इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति का निर्णय लिया है, जिनका संचालन और रख-रखाव 62.02 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से होगा। भारत सरकार द्वारा 4.04 करोड़ रुपये और राज्य सरकार से 2.69 करोड़ रुपये की अनुदान राशि से बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीटीएम पावर इन्फास्ट्रक्चर के लिए 11.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
यह ई-बस सेवा छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य जिलों में भी स्थापित की जाएगी, लेकिन दुर्ग जिले ने इस मामले में पहला कदम बढ़ाया है। यह बसें कादंबरी नगर सिकोला भाठा स्थित डी मार्ट के पास बनाए गए बस डिपो में खड़ी होंगी, जहां चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा।
ई-बस सेवा के उद्घाटन के अवसर पर भूमि पूजन कार्यक्रम 18 फरवरी 2025 को कादंबरी नगर सिकोला भाठा स्थित नेशनल हाईवे 53 बायपास रोड पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बद्येल, वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन, दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव, नगर पालिक निगम भिलाई महापौर अल्का बाघमार, दुर्ग कलेक्टर सुश्री रिचा प्रकाश चौधरी, भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।









