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केरसई में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में सीएम ने की करोड़ों की घोषणाएं, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
✍️ विशेष संवाददाता
जशपुर | रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का क्षेत्र की महिलाओं ने भव्य स्वागत किया और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। बहनों के इस प्रेम से अभिभूत साय ने उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे प्रदेश को रक्षाबंधन की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवाद के दौरान कहा कि बहनों द्वारा बांधा गया यह धागा उन्हें जीवन भर उनके सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी का अहसास कराता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश की माताओं और बहनों के सशक्तिकरण से ही एक मजबूत छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। साय ने यह भी कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनता का सिर गर्व से ऊंचा रखना उनका प्राथमिक फर्ज है।
केरसई और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी विकास घोषणाएं
रक्षाबंधन के इस मौके पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की मांग पर विकास कार्यों की झड़ी लगा दी। उन्होंने घासीमुंडा में जर्जर प्राथमिक शाला के स्थान पर नए भवन, केरसई तालाब के सौंदर्यीकरण और केरसई में ही एक मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही केरसई और घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। आवागमन की सुविधा के लिए मुख्य मार्ग से अरुण के घर तक सीसी सड़क और ग्राम पंचायत कोहपानी के गढ़वामुड़ा यादव बस्ती व घासीमुंडा में सामुदायिक भवन का निर्माण होगा। ग्राम ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने का भी ऐलान किया गया।
मुख्यमंत्री ने केरसई में लगभग 84.69 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्कूल और सामुदायिक भवनों जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है।
महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी योजना का असर
प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए विष्णु देव साय ने बताया कि अब तक 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। महतारी वंदन योजना के जरिए लगभग 68 लाख बहनों को हर महीने सीधे आर्थिक मदद दी जा रही है। उन्होंने ड्रोन दीदियों और जशपुर की बहनों को दिए जाने वाले 50 ई-रिक्शा का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं अब आधुनिक तकनीक और स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
किसानों की समृद्धि और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
खेती-किसानी के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के मकान दिए जा रहे हैं। इसके अलावा श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। उन्होंने नक्सलवाद पर हुई प्रभावी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों से दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।
जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का वादा किया। उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज, एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। साय ने लोगों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उपयोग करने और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने की भी अपील की।
विष्णु भैया के रूप में मिला स्नेह और हितग्राहियों को लाभ
पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री आज पूरे प्रदेश की बहनों के लिए ‘विष्णु भैया’ की भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका आयुषी को पासबुक सौंपी। वहीं स्वामित्व योजना के तहत कौशल्या पैंकरा, कमला बाई, लालो, ज्योति बाई और सुमेत्रा खैरवार को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपये का चेक प्रदान कर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में विधायक गोमती साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।










